"हमें बेहतर ढंग से पूर्वानुमान लगाने तथा सुविधाओं का उच्चतम उचित समय रखने के लिए योजना बनाने की ज़रूरत है..",चेयरमैन ........................................................................................................................................................................................................................ सितम्बर , 2011
पहली तिमाही के परिणाम इस माह दर्ज किए गए। मैं सभी साथियों को न केवल समग्र निष्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिए बल्कि कई खंडों में उन्हें पार करने के लिए भी बधाई देना चाहूँगा। यद्यपि समग्र कॉर्पोरेट आधार पर वस्तुगत निष्पादन अच्छा था, किंतु तिमाही (अप्रैल-जून,11) के दौरान वित्तीय परिणाम 3719 करोड़ रु. के नुकसान की पराकाष्ठा पर पहुँच गए जो पहली तिमाही (अप्रैल-जून,10) के 3388 करोड़ रु. के नुकसानों से कहीं अधिक ज्यादा थे। ये मुख्य रूप से संवेदी पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री पर अल्प वसूलियों की प्रतिपूर्ति की बाबत भारत सरकार से कम वित्तीय सहायता मिलने के कारण थे। अप्रैल-जून, 2011 के दौरान कुल अल्प वसूलियां 23,000 करोड़ रु. थीं। इन अल्प वसूलियों पर हमें 7900 करोड़ रु. की छूट अपस्ट्रीम कंपनियों से और 8201 करोड़ रु. की वित्तीय सहायता सरकार से मिली। हम आशा करते हैं कि कमी को सरकार से प्रतिपूर्ति मिलने पर वर्ष की बाद की तिमाही में पूरा कर लिया जाएगा।
तथापि, समग्र निष्पादन सब कुछ बयां नहीं करता और यदि हमें उत्कृष्टता की ओर अपने सफर पर बढ़ना है तो हमें अपने निष्पादन का ध्यानपूर्वक विश्लेषण करना होगा। यदि हम बीते माह का विश्लेषण करें तो हम पाते हैं कि 4.02 मि.मी.टन के लक्ष्य की तुलना में जुलाई, 11 में क्रूड संवेशप्रवाह 4.61 मि.मी.टन था। हमारी रिफ़ाइनरियों में जुलाई के दौरान 3 अनियोजित शटडाउन हुए। जो कुल 18 दिन से अधिक के थे। इस प्रकार हमने मूल्यवान उत्पादों को उत्पादित करने का अवसर गंवाया। पेट्रोकेमिकल संयंत्र प्रचालनों के समक्ष अभी भी चुनौती बनी हुई है, फिर भी हम उम्मीद करते हैं कि अक्तूबर में नियोजित शटडाउन पूरा करने के बाद प्रचालन स्थिर हो जाने चाहिए।
एमएस में, हमारी बिक्री वृद्धि 4.6 % थी जो सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम और औद्योगिक वृद्धि के 5.2% से कम थी। परिणामतः सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के बीच हमारी बाज़ार हिस्सेदारी में 44.9% से 44.7% की कमी हुई। हमारी कच्चे तेल की माल सूची जुलाई में 6233 से घटकर 5931 पर पहुँच गई। तथापि, कच्चे तेल की कीमतों के उतार-चढ़ाव, जिनके परिणामस्वरूप माल-सूची हानियां/लाभ होते हैं, अधिक संवेदनशील होने के नाते ऊँची ब्याज दरों पर उधार ली गई कार्यशील पूँजी की बहुत सारी रकम रुक जाती है जो हमारे मुनाफों पर असर डालती है। हमें अपनी मालसूचियों को अत्यधिक इष्टतम स्तरों पर लाने की ज़रूरत है।
उत्पाद के संबंध में हमने 2291 टी के एल का स्टाक रखा था जिसमें एमएस, एचएसडी और एसकेओ शामिल हैं, यह 8% की वृद्धि है। इसका मतलब यह है कि हमें ऊँची संभार लागतें वहन करनी पड़ीं। हमें उत्पादन व आपूर्ति दोनों की इस ढंग से योजना बनानी है कि हमारी वितरण (संभार) लागतें कम से कम हों।
हम अपने कारोबार पर कर्ज़ के ज़रिए धन लगाते रहे और हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बांडों के ज़रिए 500 मिलियन अमेरिकी डालर जुटाए। इंडियनऑयल को पूरे विश्व के निवेशकों से उत्साहवर्धक अनुक्रिया मिली और इश्यू को लगभग 2 बिलियन अमेरिकी डालर की ऑफर के साथ लगभग चार गुना से अधिक अभिदान मिला। यह इंडियनऑयल ब्रांड में वैश्विक निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में जुलाई तक हमारा सकल रिफ़ाइनरी मार्जिन (जीआरएम) 3.49 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल था जबकि माह के लिए सकल रिफ़ाइनरी मार्जिन (जीआरएम)2.14 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल था। विपणन मोर्चे पर हमने 3.4% का विकास किया है। अपनी बात को दोहराते हुए मैं यह कहना चाहूँगा कि अपने नेतृत्व को बनाए रखने के अपने प्रयासों में प्राथमिकता रहनी चाहिए।
हाल ही में, हमने जैव ऊर्जा के संबंध में उन्नत अनुसंधान के लिए डीबीटी-आईओसी केन्द्र स्थापित करने के वास्ते बायोटेक्नोलॉजी विभाग (डीबीटी), भारत सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। विश्व, जहां पारंपरिक सीमित ऊर्जा स्रोत उत्तरोत्तर रूप से कम हो रहे हैं, हमें जैव ऊर्जा स्पेस और दूसरी पीढ़ी के जैव ईंधन, जिसके भविष्य में ऊर्जा स्पेस में अंतराल को कम करने की संभावना है,का पता लगाने की ज़रूरत है। तेल के स्थान पर पादप आधारित ईंधनों में सफलता हाथ लगने की ज़रूरत है और हमारी उम्मीद बायोटेक्नोलॉजिकल हस्ताक्षेपों पर लगी हुई है और आशा है कि इस केन्द्र का निर्माण इस संबंध में हमारी आकांक्षाओं पूरा करेगा।
हमें नए-नए विकल्पों को ढूँढने के लिए अपने प्रयासों को जारी रखने की ज़रूरत है। हाल ही में हमने भारतीय रेलवे के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करके उन्हें ‘एलएनजी आपकी देहरी पर’ सुविधा देकर एक अन्य उपलब्धि हासिल की है जिसमें उन्हें औद्योगिक अनुप्रयोगों के साथ-साथ डीज़ल पॉवर वाली कारों में ईंधन के तौर पर एलएनजी के इस्तेमाल की सुविधा दी जाएगी।
एसकेओ को मलिन करने की हाल ही की घटना से हमारी ‘गुणवत्ता आश्वासन प्रणाली’ पर भृकुटियां तन गई हैं। बाद में ‘गुणवत्ता आश्वासन कार्य’ का एक अंतर रिफ़ाइनरी ऑडिट आरंभ किया गया है। इस प्रकार के मामले सदैव सतर्क रहने की महत्ता को ही दोहराते हैं। मैंने पहले भी उल्लेख किया है कि अपनी सुविधाओं का प्रचालन करते समय हमें अत्यधिक सावधान रहना चाहिए और अनियोजित माल का नुकसान हमारे आधारभूत ढांचे को प्रभावित करता है। हमें बेहतर ढंग से पूर्वानुमान लगाने तथा सुविधाओं का उच्चतम उचित समय रखने के लिए योजना बनाने की ज़रूरत है।
मुझे माननीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री द्वारा पाथफाइंडर अभियान के फ्लैग ऑफ के अवसर पर उपस्थित रहने का मौका मिला। अभियान लद्दाख के दूरदराज़ क्षेत्रों में हमारे कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व पहुँच का एक हिस्सा है। भारत का अग्रणी कॉर्पोरेट होने के नाते,ऐसे दूरदराज़ के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए हम वचनबद्ध हैं। इंडियनऑयल द्वारा समर्थित विभिन्न कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व गतिविधियों का उद्देश्य समाज को लाभ पहुंचाना है और ये भारतीय पेट्रोलियम उद्योग में अग्रणी होने के नाते हमारे सामाजिक दायित्व को पूरा करने के लिए की जाती हैं।
इंडियनऑयल के लोगों के साथ अपनी समस्त बातचीत में मैं कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर बल देता रहा हूँ। उत्कृष्टता के लिए प्रयास करते हुए सभी प्रयासों की महत्वपूर्ण विशेषता होनी चाहिए, मेरा फोकस सुरक्षा,लागत और परियोजना को समय पर पूरा करने पर रहेगा। इस मंत्र को प्रत्येक व्यक्ति को मन में बिठाना होगा। इनमें से प्रत्येक घटक का हमारी कंपनी, इसके माइंडशेयर और बाज़ार हिस्से को बनाए रखने की इसकी सामर्थ्य पर गहरा असर होगा ।
हमारे कारोबार में महत्व लाने के लिए किसी भी मुद्दे पर आपकी फीडबैक प्राप्त करके मुझे खुशी होगी। मुझे feedback2chairman@iocl.co.in पर मेल भेजें।
आरएस बुटोला
अध्यक्ष
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